*राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ एक गतिशील संगठन है जो भारत में सरकारी अछूत अर्थात जाति पूछकर जिनको सरकारी विभागों में अंतिम पायदान पर जिन्हें बैठाया जाता है (गरीब सवर्ण)..उन सभी सामान्य वर्ग अर्थात सवर्णों के अधिकारों और हकों की वकालत करने के साथ साथ सर्व समाज के पीड़ित एवं शोषितों के अधिकारों की आवाज बनने के लिए प्रतिबद्ध है।*
*EWS के अधिकारों की सुरक्षा के लिए EWS आयोग या सवर्ण आयोग की स्थापना ,EWSके नियमों में सरलीकरण के लिए , पंचायती चुनावों में भी सवर्णो के लिए पिछड़ों और दलितों की भांति 10%आरक्षण मिले* एवं *जहां जहां पिछड़े और दलित समुदाय को आरक्षण मिल रहा है उन उन क्षेत्रों में गरीब सवर्णों के लिए भी 10%आरक्षण लागू हो* इसके लिए राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ पूरे देश में लड़ाई लड़ रहा है और देशभर में एक मजबूत आंदोलन खड़ा करने के साथ साथ सामान्य वर्ग के सभी घटक *ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, भूमिहार, कायस्थ,शेख,सैयद, पठान, खत्री सिद्दीकी ,मारवाड़ी,जैन,* जैसे सभी वर्गो को जिनकी जाति देखकर जो वर्ग सरकारी महकमों में भेदभाव के शिकार होते हैं उन सभी को एक मंच पर लाकर एक मजबूत आंदोलन खड़ा करने में जुटा हुआ है।
*राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ धर्म, जाति ,लिंग के आधार पर बनाए गए किसी भी नियम का समर्थन नहीं करता*।
*इतिहास विकृतिकरण के खिलाफ संघर्ष* -विदेशीयों के इशारे पर भारतीय इतिहास से किए गए छेड़छाड़ एवं इतिहास चोरों के खिलाफ राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ निरंतर समाज में कार्य कर रहा है एवं इसके लिए समय समय राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ का साहित्यिक प्रकोष्ठ गोष्ठी एवं पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन भी करता रहता है।
*राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ राजीव दीक्षित जी के विचारों के अनुसार स्वदेशी एवं जैविक खेती, स्वदेशी भाषा, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करता है एवं भारत को भारत की मान्यताओं के आधार पर खड़ा करने में विश्वास रखता है*।
*नशा मुक्त समाज की स्थापना।*
*आर्थिक स्थिति से कमजोर छात्रों* की विद्या अध्ययन में मदद एवं *समाज की निर्धन बच्चियों के शादी -विवाह* में संगठन सहयोग करना भी संगठन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है और संगठन अपने अस्तित्व काल से कर भी रहा है। *समाज में नये उद्यमी पैदा करना* और इसके लिए समय समय पर समाज में सफल व्यवसायियों के साथ गोष्ठी करवाना। गठन - समय की मांग , राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए *गुलाब सिंह सोनू ने श्रीमंत पेशवा बाजीराव जी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर* अपने निजी व सामाजिक जीवन के संरक्षक एवं संगठन के भी संरक्षक पूर्व सैनिक *श्री दिनेश प्रताप सिंह उर्फ गोपाल सिंह जी से आशीर्वाद लेकर राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ की स्थापना 2022के मध्य में की थी* धारा के विपरित,लीक को तोड़कर चलने वाले उन सभी बागी विचारों को संविधान के अनुरूप समता, समानता और व्यवस्था परिवर्तन की सोच रखते हैं उन सभी को राष्ट्रीय पेशवा बाजीराव महासंघ अपने मंच पर आमंत्रित करता है ..
वे लोग जो इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं